लखनऊ, 25 जनवरी 2026 | Editorial Desk
लखनऊ में आज ‘अनाहत रिट्रीट’ का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के युवाओं ने भाग लिया। यह आयोजन ध्यान (मेडिटेशन) और साउंड हीलिंग पर आधारित एक वेलनेस अनुभव था, जिसका उद्देश्य तेज़ रफ्तार शहरी जीवन के बीच युवाओं को ठहराव, मानसिक संतुलन और आत्म-जुड़ाव का अवसर देना था।
इस रिट्रीट को Bold Buzz द्वारा क्यूरेट किया गया और यह आयोजन नाद शक्ति – साउंड हीलिंग और योग सेंटर, लखनऊ में आयोजित हुआ। सत्र का संचालन शालिनी वर्मा ने किया, जो नाद शक्ति की संस्थापक हैं और योग, ध्यान व साउंड हीलिंग के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को गाइडेड मेडिटेशन और साउंड हीलिंग की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। साउंड हीलिंग सत्र के समय पूरे वातावरण में शांति और एकाग्रता का अनुभव देखने को मिला, जिससे प्रतिभागियों को मानसिक रूप से शांत और केंद्रित होने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने बताया कि यह अनुभव सामान्य योग या वेलनेस सत्रों से अलग था। प्रतिभागियों के अनुसार, इस रिट्रीट ने उन्हें बिना किसी दबाव के खुद के साथ समय बिताने और मानसिक रूप से रीसेट होने का अवसर दिया।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा कार्यक्रम के विजुअल्स और प्रतिभागियों के बाइट्स भी रिकॉर्ड किए गए, जिनमें युवाओं ने इस अनुभव को “सुकून देने वाला” और “आज के समय की आवश्यकता” बताया।
आयोजकों के अनुसार, अनाहत रिट्रीट को सीमित प्रतिभागियों के साथ आयोजित किया गया था, ताकि अनुभव की गुणवत्ता और गहराई को बनाए रखा जा सके। आयोजन का उद्देश्य भीड़ नहीं, बल्कि सार्थक और प्रभावशाली वेलनेस अनुभव प्रस्तुत करना था।
अनाहत के बारे में
अनाहत एक सांस्कृतिक और अनुभव-आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसे Bold Buzz द्वारा क्यूरेट किया गया है। अनाहत का उद्देश्य युवाओं के लिए ऐसे आयोजन रचना है, जो वेलनेस, संगीत, फैशन, संवाद और संस्कृति के माध्यम से ठहराव और आत्म-चिंतन को बढ़ावा दें।
अनाहत के प्रमुख सिग्नेचर इवेंट्स हैं:
- अनाहत रिट्रीट – ध्यान और साउंड हीलिंग आधारित वेलनेस अनुभव
- अनाहत अनप्लग्ड – लाइव म्यूज़िक और आत्मीय संगीत सत्र
- अनाहत भजन क्लबिंग – परंपरा और आधुनिक संगीत का संगम
- अनाहत लाइववायर – रागा ट्रांस और स्पिरिचुअल इलेक्ट्रॉनिक म्यूज़िक
- अनाहत फैशन शोकेस – फैशन, हैंडलूम और समकालीन डिज़ाइन पर केंद्रित प्रस्तुतियाँ
- लीडर्स कम्यून – संवाद और विचार-विमर्श पर आधारित सत्र